EPFO Rules: नौकरीपेशा की सैलरी का कुछ हिस्सा ईएफओ (EPFO) PF में जमा करता है। इसके साथ ही एम्प्लॉयर भी कुछ हिस्सा PF में जमा करता है। इस तरह कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों का पैसा PF में जमा होता है। जब कर्मचारी रिटायर हो जाता है तो उसको यह पैसा दे दिया जाता है। वैसे एक सवाल यह है कि PF का पैसा कहां पर जमा होता है और EPFO की तरफ से इस पैसे को कहां निवेश किया जाता है।
PF का पैसा कहां होता है निवेश
PF में जो पैसा जमा होता है, उसे तीन तरीकों से बांटा जाता है। जैसे पहला हिस्सा पीएफ (PF) खाते में जमा होता है और दूसरा हिस्सा पेंशन स्कीम ELS में जमा किया जाता है। तीसरा हिस्सा EDLI स्कीम बीमा में दिया जाता है।
कर्मचारी की तरफ से जो 12 फीसदी रकम जमा की जाती है उसे EPF खाते में जमा किया जाता है। इस जमा रकम पर ब्याज भी दिया जाता है। इसका मतलब कर्मचारी का पैसा सिर्फ एक जगह ही जमा किया जाता है।
एम्प्लॉयर का पैसा कहां होता है जमा?
एम्प्लॉयर जो 12 फीसदी जमा करता है उसे तीन हिस्सों में बांटा जाता है। इस 12 फीसदी से 8.33 फीसदी EPS (पेंशन स्कीम) में जमा होता है। 3.67 फीसदी हिस्सा EPF में जमा होता है और EDLI में अलग से जमा होता है।
उदहारण के लिए किसी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी 2000 होता है। यानी आपका पूरा 2000 रुपये EPF खाते में जमा होता है। वहीं एम्प्लॉयर भी 2000 रुपये जमा करता है। इसमें से 611 रुपये (3.67 फीसदी) EPF में जमा होगा और 1389 रुपये (8.33 फीसदी) EPS में होगा। इस हिसाब से एम्प्लॉयर का योगदान कम दिखाई देता है।
क्यों EPF में जमा होता है पैसा?
EPF में पैसा जमा करने का उद्देशय रिटायरमेंट के बाद आपको एक बड़ी रकम देना ताकि आपका जीवन सुरक्षित हो सके। इसके साथ ही नियमित रूप से पेंशन भी मिलती रहे। PF का कुछ नियम कानून और शर्तों के साथ निकाला जाता है। पर पेंशन स्कीम का पैसा आसानी से नहीं निकलता है।
अब मान लीजिए आपने 10 से कम नौकरी की है और PF खाते को बंद करने जा रहे हैं। ऐसे में EPS का पैसा निकाला जा सकता है। आपको आवेदन करने के लिए Form 10C भरना होगा। पर 10 साल या इससे ज्यादा समय के लिए नौकरी की तो आप EPS से पैसा निकाल सकते हैं। ऐसे में आप पेंशन पाने के योग्य होंगे और 58 साल की उम्र के बाद हर महीने पेंशन मिलेगी।
EPFO किस जगह करता है पैसा निवेश?
EPFO में जो पैसे जमा होते हैं वि उसे सुरक्षित और तय रिटर्न देने वाले ऑप्शन में जमा करता है। अधिकतर हिस्सा सरकारी बॉन्ड्स और सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है। वहीं कुछ हिस्सा पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की बॉन्ड स्कीमों में निवेश किया जाता है।
वहीं पिछले कुछ सालों से EPFO इस रकम का कुछ हिस्सा स्टॉक मार्केट से जुड़े ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में भी निवेश करना शुरू कर दिया है। इसका मकसद लंबी अवधि के लिए रिटर्न पाना है।