नई दिल्ली: भारत ने अमेरिका द्वारा रूस से तेल आयात पर लगाए गए 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ पर करारा जवाब देते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। भारत का कहना है कि यह कदम ‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और बेवजह’ है। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत का तेल आयात बाजार की जरूरतों और 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाता है। विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया,’हमने अपनी स्थिति पहले ही साफ कर दी है। हमारे तेल आयात बाजार के हालात पर आधारित हैं और इसका मकसद देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है।’
‘यह पूरी तरह से अनुचित और बेवजह है’
भारत ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हितों के लिए ऐसे ही कदम उठा रहे हैं, लेकिन अमेरिका ने सिर्फ भारत को निशाना बनाया, जो कि नाइंसाफी है। मंत्रालय ने आगे कहा, ‘यह बेहद दुखद है कि अमेरिका ने भारत के खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ लगाने का फैसला किया। हम इसे पूरी तरह से अनुचित और बिना वजह का मानते हैं।’ अपने बयान से भारत ने साफ कर दिया कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने भारत के रूस से तेल आयात को लेकर सवाल उठाए और पहले 25 फीसदी और फिर 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की।
27 अगस्त से लागू होगा अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया। इसके साथ ही भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में अब कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगेगा। पिछले हफ्ते ही ट्रंप ने 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की थी, और अब नए आदेश के बाद यह टैरिफ और बढ़ गया है। ट्रंप ने इस नए टैरिफ को लागू करने से कुछ घंटे पहले ही कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश के तहत कुछ खास सामानों को छोड़कर बाकी सभी भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। शुरुआती 25 प्रतिशत टैरिफ 7 अगस्त से लागू होगा, जबकि अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त से शुरू होगा।
ट्रंप ने मंगलवार को दी थी अतिरिक्त टैरिफ की चेतावनी
बता दें कि मंगलवार को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर भारत रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखता है, तो वह 24 घंटे के अंदर भारी शुल्क लगाएंगे। ट्रंप का कहना है कि रूस, यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भारत से तेल बिक्री के पैसे का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन भारत सस्ता तेल पाने के लिए इस बात को नजरअंदाज कर रहा है। इससे पहले 30 जुलाई को भी ट्रंप ने भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क की घोषणा की थी और कहा था कि रूस से तेल और गैस खरीदने की वजह से भारत पर अलग से जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि भारत की तरफ से ट्रंप के इन कदमों पर करारा जवाब दिया गया है।