निवेश एक ऐसा तरीका है जो आपको अमीर बन सकता है। लोग नौकरी या बिजनेस में अगर छोटी-छोटी बचत करें, तो इस इन्वेस्टमेंट प्लान के तहत पैसा लगा सकते हैं। मौजूदा समय म्युचुअल फंड के तहत सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में पैसा निवेश करने का चलन जोरों पर है। यह आप का फाइनेंशियल गोल जरूर पूरा हो सकता है। यहां पर ऐसे म्युचुअल फंड की जानकारी देने जा रहा है, जो रिटर्न के मामले में सबको हैरान कर रहा है।
दरअसल हम यहां पर बात कर रहे हैं बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज फंड स्कीम (Bandhan Financial Services Fund) के बारे में, यहां पर निवेशकों को सालाना 16% से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है, हाल ही में इस फंड हाउस की रिपोर्ट सामने आई है, अगर किसी ने यहां पर सिर्फ 1 लाख रुपए लगाए होते तो 1 करोड़ से ज्यादा का फंद बन गया होता।
ऐसे हो जाती 41000 रुपये ब्याज की कमाई
अगर किसी ने बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज फंड में जुलाई 2023 में 10,000 रुपये का मंथली सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान शुरू कि होती है, यहां पर जून 2025 में रिटर्न 2.81 लाख रुपये हो गया होता। जिसमें निवेशक को 2.4 लाख रुपये के निवेश पर करीब 41000 रुपये की ब्याज से कमाई हो जाती। बता दें कि म्युचुअल फंड में कंपाउंडिंग एक बड़ी ताकत है, अगर निवेशक को यह पूरी तरह से समझ आ गया तो बंपर रिटर्न मिल सकता है।
कब हुई इस फंड की शुरुआत
बता दें कि बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज फंड स्कीम की शुरुआत जुलाई 2023 में हुई थी। अब तक निवेशकों को यहां पर अच्छा रिटर्न मिला है। फाइनेंशियल सर्विसेज फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1,000 करोड़ रुपये के पार हो गया है। अब तक पूरे समय अवधि में रिटर्न 25.97 फीसदी है। इसने अपने बेंचमार्क से काफी ज्यादा रिटर्न दिया है। फंड का रिटर्न समान अवधि में सिर्प 17.49 फीसदी रहा है।
हम यहां पर उदाहरण के तौर में समझें तो फंड के लॉन्चिंग समय किसी ने 10,000 रुपये का निवेश किया होता तो अब 15,599 रुपये हो गया होता। बता दें कि इस फंड को सेक्टर फोकस्ड फंड माना जाता है, क्योंकि यह किसी एक थीम या सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। इस फंड ने बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में ज्यादा निवेश किया है। जिसके पोर्टफोलियो में 5 बड़े सेक्टर और 19 सब-सेक्टर्स के स्टॉक्स शामिल हैं।
हालांकि अगर आप किसी शेयर बाजार में निवेश करने का प्लान कर रहे है, तो यहां पर जोखिम का आकलन करना जरुरी है। बता दें कि थिमैटिक फंड्स मे रिस्क ज्यादा होता है। क्योंकि मार्केट में गिरावट का असर ऐसे फंडों पर ज्यादा पड़ता है। ऐसे में किसी भी फंड के पिछले प्रदर्शन को देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। क्योंकि जरुरी नहीं है कि आने वाले सालों में यहां पर रिटर्न अच्छा मिले।